Category Archives: very short story

पल

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“सुनो”
उनींदा सी आवाज़ में उसने कहा,
“कभी ऐसा भी होता है क्या-
कि दिन गुज़रते रहें, मगर पल ये थम जाएँ?”
एक हँसी ही मिली जवाब में,
एक उपाधि के साथ,
“बेवक़ूफ़”!!
वो तो कह के चला गया
ना जाने कहाँ;
कितने दिन बीतते गए
पल मगर थम गया-
उसी लम्हे में।

दिल्ली हाट

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हाट की भीड़ बचा; मुंडेर पे ही बैठा रहा
मन बांवरा रुका वहीँ, साथ में मेरे ना गया

आज भी अक्स तेरा मेरे साथ-साथ जिया
आज फिर एक टुकड़ा याद ने हरा दिया !
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Ttl again!

आइना

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बड़े अदब से हमको मिलीं मंज़िलें सभी
ना जाने कब गुरूर ने भी एक कुर्सी घेर ली
बस एक पल में फ़ना हो गयीं सारी रौनकें
हँसी उड़ा रहा है आज अक्स भी मेरी ।

Death

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She would Jabber endlessly to him
And he could not stop smiling at her.
And then the cupid casts “the evil spell”-
He can no more look eye to eye;
And she has embraced silence again !
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Again the love dies.

Inspired by “terribly tiny tales”