Category Archives: satire

दगा

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बड़ा प्यार था तुमसे
जूनून जैसा
तुम्हारी खुशबू
पागल सा करती मुझको
एक बार तो सोचा होता
पीठ पे खंजर घोंपते
कि जिस्म का नहीं
भरोसे की रूह का क़त्ल है
कल से अख़बार में
खबर ताज़ा है-
मत पूछो हाल इस दिल का
टूट ही नहीं,
धड़कना भी भूल सा….
“मेरी वाली maggi”
तो कभी मेरी थी ही नहीं!