Quote

आज सुनीं कुछ सुप्त रहीं धुन
कहतीं हैं जो, कहने दो
शोर के आदि थके श्रवण को
तरल शांति में बहने दो

  • Adding to an old one from 2015 as below :

आज छेड़ एक धुन मीठी सी
सुर-औ-राग में बहने दो
“भाव भरा है बहुत ह्रदय में
शब्दों को तुम रहने दो”

कहीं किनारे आतीं लेहरें
साहिल से कुछ कहने को
कभी बुलाता पलट समुन्दर
अंक में सिमटा रहने को

करें विवेचन चेहरे को पढ़
मनुज रूप के गहने को
किस तप से कुंदन आत्मा हो
किसे समझ पढ़ लेने को

शब्द भेद न सके नयन को
मूक कहें जो कहने दो
भाव भरा है बहुत ह्रदय में
शब्दों को तुम रहने दो

…..the line in quotes taken from a quote by Arpita Sinha

meditative peace @ lockdown days !

2 responses »

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