Monthly Archives: June 2018

Quote

The demons dwell
Nd swell
From nowhere

And while they silently
Kill me
There’s an unaffected you
Calm nd poised

I envy your being
Much more than

Any love

Or obsession

Or addiction can be

!
To hate you is more of an obsession

For you have denied me

All the riches

That you once

Showered

For you have withdrawn suddenly

All the doses

Of intoxication

Leaving no scope

Of rehabilitation

And yet teasing me

By offering

The doses

In plenty

To others

What once belonged

With all possession

Exclusively to me

.

I hate you ever more

As days pass by

And I gradually learn

To survive

The pains

And pangs

Of withdrawal syndrome

.

Yet there are moments

Which I won’t call weak

Are but the “me moments”

Where yesteryears dwell

Which hold my feet

Not let me move

Father anywhere

And I sit back in my shell

.

Onto you

Has been the warmest smiles

And coziest embrace

Onto you

Has been the broken sobs

And ugliest outburts

With you / without you

I search in vain

The words that showed

The way when I seeked

The care to the child in me

The smiles and laughter from a friend

The shoulder to a gloomy me

Above all

The words which seeked me

My company !!!!

No mornings

Have ever been so good

No nights

Have got a peaceful sleep

As was once

Onto you

Had been a life!

Drugged

Quote

देखो ये मत कहना कि बहुत दूर है
ये भी मत कहना अब रात हो गयी है
ये बिलकुल मत कह देना कि अब देर हो गयी है
और ये तो कभी मत कहना कि अब उम्र हो गयी है
ज़िन्दगी सुन रही है तुम्हारी हर बात
घबरा जाती है तुम्हारी ना सुन कर
उदास हो जाती है धीरे धीरे
तुम कोई ऐसी बात मत कहना
बस चल देना
बस कर देना
ज़िन्दगी हंस पड़ेगी
देखना तुम

ना न कहना

Quote

आज झगड़ा नींद से कुछ यूं हुआ है

रात बीती, आँख बोझिल औ तन्हा है

.

सूखी सूखी और कुछ कुछ नम हुई है

देख सब, लेकिन ना कुछ भी सूझता है

.

है चुरायी किसने? पूछूँ किस से जाके?

दोस्त भी इस मोड़ पे दुश्मन हुआ है

.

धुन सुनायी दे रही जो कानों में एक

होंठ चुप हैं, दिल का साज़ छिड़ चला है

.

शब ये कट ही जाएगी आँखों में अब तो

कुछ दिनों का काफिला भटका हुआ है

.

एक ग़ज़ल का मिसरा एक अटका हुआ है

बिन तेरे दीवान भी आधा लिखा है

.

बिगड़े जब से हैं तेरे मिज़ाज़ मुझसे

मुंह पूरी दुनिया का ही बिगड़ा हुआ है

.

है बड़ी वीरान ये महफिल बसा दो

एक तेरे ही से ये आबादियाँ हैं

नींद से झगड़ा

Quote

जो बीत गयी वो बात गयी..???

जग के होने से उठ कर के
मन के कोने में छिप कर के
वो बीती तो, पर बात रही!

एक छवि बनी, एक याद बनी
पल के लम्हे को करके अमर
वो बीत गयी पर बात रही!!

जाने किन किन बातों से उठ
जाने कब कब जी जाती है
जो बीत के भी वो बात रही!!!

एक बात रही जो नयन बसी
एक बात रही जो नयन गिरी
जा कर के भी वो बात रही!!!!

बस कहने को ही बीत गयी
जो बीत के भी ना गुज़र सकी
मन के अंदर वो बात रही!!!!!

In memory of “Naini dip”