Monthly Archives: September 2016

Quote

बातों बातों में 

कितनी ही बातें हुईं

आँखों आँखों में 

कितनी रही अनकही

और जो कुछ भी कहा

तीरों सा तीखा था

और जो था अनकहा

शहद से मीठा था

और कहा तो सुना

अनकहा ना सुना

नयनों के भेद भी

ना सुना ना पढ़ा

बस शिकायत सी कुछ

बस थी नफ़रत सी कुछ

उन्ही जज़्बात को

दिल से थामे हुए

राह पे बढ़ चले

रास्ते मुड़ चले

जाने कितनी थी मज़बूर 

कुछ ऐंठ सी

जाने कितनी थी मगरूर

सांसें क़ई

फ़ासले लम्हा लम्हा

यूँ बढ़ते गए

हम भी हम ना रहे

तुम भी तुम ना रहे 
हम भी हम ना रहे

तुम भी तुम ना रहे !!!!!!!’

A faint try 🙂

Alka Yadav Agarwal

Ranjula Agarwal Jain

🙏

बातों बातों में

Quote

दो घड़ी की ही तो फ़रमाइश थी

सिर्फ़ हम-तुम हों ये ख़्वाहिश थी

सजावटें तुम बटोरते रहे

ख़ास लमहें हों, ख़्वाब जोड़ते रहे

बस पता ही ना चला-

एक घड़ी चाँद दिखा, एक घड़ी छिप चला

तेरी ख़ूबसूरती की जद्दोजहद में

लम्हा वो रूठ कर, कब चला गया !!!!!

ख़्वाहिश

Quote

हर दिल अज़ीज़ी को मिटता रहा

एक शक़्स जीते जी मरता रहा 

याद अक्सर वो आ ही जाता है

आसुओं में भी जो हँसता रहा

ऐंठ उसको भी करनी आती थी

बातों बातों में जो झुकता रहा

अहमियत ख़ुद की कभी आँकी कहाँ 

ग़ैर के सजदे जो करता रहा 

दुनिया कहती थी कमअक़्ल उसे

जनाज़े अक़्ल के ढोता वो रहा

हाथ ख़ाली होगी रुख़सती सबकी

वक़्त जेबें उसी की भरता रहा

बटोरते रहे फ़क़ीरी सब

वो अमीरी की फ़सल बुनता चला

उस जहाँ में होगा कोई एक ख़ुदा

इस जहाँ का ख़ुदा वो बनता चला 

झाँक के देखो जिगर में अपने

कहीं उसका ना हो एक अक़्स छुपा 

वो शक़्स…

चाँद के साथ एक तारा 

Standard

एक तारा चाँद के संग चल रहा है

ख़्वाब सारे रात के संग बुन रहा है 

ख़्वाब जागीं आँख यूँ भी देखतीं हैं

चाँद का चेहरा ज़मीं पर खेचतीं हैं

और ज़मीं पर ही सजातीं हैं बिछोना 

नींव घर की इर्द गिर्द खोदतीं हैं

ख़्वाब के हाथों से जोड़ें जा रहें हैं

चाँद तारे मिल के अनगिन पल ये प्यारे

एक तारा चाँद के संग चल रहा है

देख के ये आसमान भी जल रहा है !

2/9/16

For Priti !