Monthly Archives: July 2016

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Me:

किस किस को क्या क्या समझाएँ 

हर ऒर नासमझी के बादशाह राज करते हैं!

ख़ामोश हैं सब तर्क आज थक कर

बेहोश है मंत्रणा के सब गण

और ताज पे हो रहे वो मद होश 

जिनके शब्द खोखले आवाज़ करते हैं !!

She:

Hmmm…gehri baat hai.. Anubha

But what matters is”aapke dil par kaun raaj karta hai”baki duniya ko samjhakar energy kyun waste karna 🙂

Me :

Ha ha ha Sahi hai Alka
बड़े नाज़ुक से हैं जज़्बात

दिल पर राज़ करते जो

सभी तर्कों को दे कर मात

नख़रे लाख करते वो

ख़ामोशी है ज़ुबान पर और

नज़रें बात करतीं हैं

होश बन बैठा है मदहोश 

दुनिया ख़्वाब सी ही हैं 

नज़ारे ख़ूबसूरत हैं

हवाएँ गीत गातीं हैं ….
बड़ी नादान हो तुम यार

बात ये जो उठाती हो !!!!!

And the saga continues 

😍😍

A conversation in verses 😀

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आँख खुले जो देखी दुनियाएक साँस से एक साँस तक 

मुट्ठी में सिमेटी चाह की

छोटी,बड़ी कितनी ही ख़ुशियाँ
कितना कुछ तेरा या मेरा

रात कभी तो कभी सवेरा

बस रह पता जगमग जग ये 

मूँदें आँख ना तब तक फेरा
इसके उसके तेरे मेरे

होने या ना हो पाने से

कब रूकती, 

कब बदली दुनिया
किस के जाने से है ठहरी

किससे है हिल पायी दुनिया

कौन बदल पाया कुछ बन ले

नियम जगत के ढोती दुनिया
आज है मेरा कल ना होगा!

जो तेरा वो भी क्या तेरा?

जो मेरे वो मेरे भी ना;

मेरे क्या वो ख़ुद के ही ना !
दिन बदलें तारीखें बदले

धुरी जगत की मगर ना बदले

आँख खुले से बनती दुनिया

मुँदी आँख मिट जाए दुनिया !

क्षणभंगुर दुनिया 

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Years will flow

Memories will grow

When we meet again

With silver streaks

Cataratic eyes 

The frames willow

Ears straining 

And voice mellow
Every word I penned

Alive will be

Every page I sketched

The colours shall glee

Trembling fingers

Flipping through thee

In bind, compiled,

Reflections I see
I close the eyes

To clearly see

And raise the toast

To feel more free

The magical words

As you conjure

Sweeping me yet

Off my feet
Will there be then

difference of years

The lapses of time

The dried up tears

And you happen to me

Each time as you do

You happen to me

All over again !
@ Anutoolika 

Aged

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The solitude crowds up my room

And the silence screams to highest decibels

Solo I dance 

To the tunes of the dreams

Some held in the eyes

Some crashed to the floor

The orchestra peaks 

With passing time

And with roaring applause

Smiles the fate

As yet another

Lifetime I lived !!!!!!

Symphony