Monthly Archives: June 2015

The wait

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One day indeed
The clouds will pour
The rainbows will be real
The mangoes won’t be sour
The dawn won’t steal
The sweet little dreams

Untill then with hope
The little eyes shine
Each day look up
Couting tiny delights
More than a hundred
On each tree grew
The fruity green dew
The sunny days spent
Under the cool shade
Showing away the birds
Counting, the endless game!

One morning indeed
The colour would grow sunny
As yellow as the sun
As sweet as the dreams
And then no one can stop
The climb to the top
Savoring the “MALDA” feast
He slipped into sleep!

अल्पविराम

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कुछ धुंधला से गए है सब रंग
थकी रहती है तूलिका भी अब
सोच सिमटी हुई सी रहती है
शब्द भी चलते नहीं अब मेरे संग
रुक गए काफिले ख़याल के ना जाने कहाँ !

रात.

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रात सिसकी भी सो नहीं पायी

बरसा करते रहे बिना मौसम
जाने आये कहाँ से कल बादल
शोर बूंदों ने इस कदर ढाया
नींद डर से इधर नहीं आयी

कुछ कमी सी….

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शब्द आते है लौट जाते हैं
मिसरा अटका हुआ है जैसे कहीं
रात भी बीत चली है लेकिन
सुबह भी अब तलक हुई ही नहीं

इन पहाड़ों की हसीं वादियों में
कुछ कमी सी रह गयी है कहीं
सर्द झोकों की याद आती है
बूंदों में कल नमी भी थी ही नहीं

रोज़ होठों पे तैर जाती है
वो अधूरी सी कुछ लगे है हँसी
कुछ तेरी आँख में जो ठहरें हैं
सवाल वो मिटेंगे भी क्या कभी?

ख्वाब पागल ये

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सुबह अंगड़ाई सा उगता
बिखेरे बाँह किरणों की
नज़र पड़ते ही मुझपे
दौड़ के भर लेता बाहों में
और तब तक गुद्गुगाता
ना खोलूँ आँख मैं जबतक
ये सूरज रोज़ ही आके चुराता
मुझको ख़्वाबों से ..

बड़ा ज़िद्दी है पागल मन
हाथ थामे रहे दिनभर
चढ़ाता सर पे दोपहर
शाम बाहें कमर डाले
और हौले सुला देता
रात ओढ़ा के फिर चादर
आँख फिर से चमक उठती
जो चलती मिलने ख़्वाबों से।

ख्वाब भी कितने शर्मीले
नज़र दिन से चुराते हैं
रात चँदा के आँचल में
बंधे मन को लुभाते हैं
कभी बादल में उड़ते तो
कभी तारों में बस जाते-
तेरे नयनों के कुछ सपने
मिले कल मेरे ख़्वाबों से ।

तभी से ख्वाब जो थे
कल तलक पूरे ही मेरे से
आज आधे है तेरे
और हैं मेरे अधूरे से
कभी आँखों में मेरी झांकते
नींदें उड़ा देते
कभी पलकों में तेरी जा रुकें
तुझको भी तंग करते
रोज़ इनको भगाती हूँ
रोज़ मुझको सताते हैं
खता तुमसे करें तो माफ़ करना
ख्वाब पागल ये !!

चलो

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चलो आज बैठे यमुना के तीरे
अलकों से सुन तेरे मन के मदीरे
नयन मूँद के तुमको देखा करें हम
समय को कहें कुछ चले धीरे धीरे

चलो आज सुनतें पवन की कथाएं
तेरे स्पर्श से सब मिटा के व्यथाएं
गगन सा बनाए विस्तार अपना
सितारों की जगमग सा जीवन सजाएं

चलो आज बचपन में फिर खो जाएँ
अकारण किन्ही राहों पे दौड़े जाएँ
हँसें बिन किसी बात निश्चल ह्रदय हम
जहाँ साँस टूटे, थकें, सो जाएँ

चलो आज पूछें ना कुछ भी किसी से
ना तुम भी मुझसे; ना ही मैं भी तुमसे
अभी के क्षणों में विश्वास रख के
इसी युग-पलों में उमर एक बिताएं

चलो आज फिर हाथ में हाथ थामें
ना बातों के अश्वों को दें कुछ लगामें
मैं फिर से पुकारा करूँ नाम तेरा
सुकूं में तेरे साथ के मुस्कुराऊं

The fall

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I fall in love
Everytime I know you
A little more each day
A lot more each year
Falling in love
With your strengths
Falling in love
With your imperfections
Falling in love
For your loving me
Falling in love
“Even when I didnt”
For its not I care
How the world paints you
Or how you show yourself off
I care for the glimpses
Of human I see
Sneaking out from the
Most unnoticed of you
I care for the warmth
That you effortlessly extend
To one and all
Unconditionally
And little did u realize??
How each time
I fall for the smile
I fall for the glance
I fall for the embrace
I fall for the surprises
I fall and I fall….
I fall for YOU !

झूला

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झूले पे अधलेटे
चँदा को हम देखें
धीमे धीमे हिंडोले पे थे डोलते
कभी नज़र में आता
कभी छिपा कहीं जाता चाँद!

मोगरे की खुशबू
मदमाती, बहकाती सी
और गोदी सर तेरा-
ग़ज़लों के शेरों की
चाशनी में डूबा सा चाँद !

रुक जाता वक़्त वहीं
हम तुम के लम्हों में
कितनी ही बातों के
कितनी ही चुप के भी
भेद को बटोर चला चाँद!

दिन भर के शिकवे शिकायत,
किस्से कहानी,
नगमों की रूह,नज़्मों की जुबानी,
मेरी हाथों की किताबों के साथी पल
नज़रों में झाँक मेरी, देख रहा चाँद !


May’2015
Lovliest Gift !