Monthly Archives: February 2015

दर्शन पथ

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आओ एक सफर पर चल दें ।

चेहरों पर चेहरों की परतें
तुझको मुझको नहीं लुभाती
बेपर्दा जहाँ जीवन हो
आओ उसी नगर का रुख लें

शब्दों की शतरंज बिछा के
रिश्तों की बाज़ियाँ लगाना
ह्रदय विदारक इन छवियों से
आओ दूर बसा जीवन लें ।

रंगों में ना श्वेत ना श्यामल
हो बस इंद्रधनुष सा मधुबन
सुरभित साँसें खुले गगन में
बंद दीवारों में ना सड़ते ।

जीवन साँझ की आतीं कोपल
रहे न कलुषित कोई अंतर
चलो थाम कर हाथ रे साथी
कुरुक्षेत्र के मोह से बच लें ।

आओ एक सफ़र पर चल दें ।।

CCD

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यहाँ आकर तुम्हारी याद आये ना
ये मुश्किल है

मैं अपने साथ बैठी हूँ
कितने लम्हों की भीड़ है-
कोई कुछ बात करता है
कोई रोता मचलता है

है एक लम्हा जो खींचे हाथ
मुझको लेके चलता है
उसी कोने की कुर्सी पे
जहाँ हम थे कभी बैठे

अभी भी आँख में झांके
वो लम्हा तुम सा लगता है
तुम्हारे जैसे बिन बोले
निरंतर बात करता है

एक लम्हा रुका है मुड़ के
रस्ते पे किसी घर में
जहाँ की नीली दीवारें
अभी भी ताज़ी है मन में

कहीं मंदिर की घंटी दूर बजती
मुझको ले जातीं
तुझे कितना था पाया पास
ये एहसास कराती

मचलते है ये सब लम्हे
कि फिर से तुम को बुला लूँ
कोई गुनाह तो नहीं
क्यों फिर तुम को भुला दूँ?

छुड़ा के हाथ घबरा के
भागता है अकेला मन
थके से कदम बढ़ते है
कुचल के कल का पागलपन

नहीं है स्वाद इसमें
पर मैं कड़वे घूंठ भरती हूँ
मुझे अब याद ना आओ
यही मनुहार करती हूँ ।

Death

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She would Jabber endlessly to him
And he could not stop smiling at her.
And then the cupid casts “the evil spell”-
He can no more look eye to eye;
And she has embraced silence again !
.
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Again the love dies.

Inspired by “terribly tiny tales”

सैर

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सुर्ख सवेरा दूधिया धुंध में नहाया
सर्द झोकों को दोशाले से रोकें हम तुम
चार कदम मध्यम मध्यम दरिया के किनारे
बतखों, मछलियों और पेड़ों को निहारें
एक दूजे को बिन देखे भी देख रहे थे

समय का एक टुकड़ा टूटा और रुका वहीँ है…..

Songs of silence

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Mesmerising  thine eyes
An ache dances in the iris
The ache exuberates beauty
That draws me with magnanimous magnetism !

The twinkling pair
Singing the agony
To my heart
Endlessly – in silence !

And the whole world failed
To see a fraction of me
Which they unravelled the whole
Your deep dark eyes.

The strength in your eyes
A gleam of hope
In the darkest of night
With love they shone

Stopping at the traffic signal
Our eyes then fell in love
Her beauty wrapped in rags
Sang the melodies in silence

नयनों की भाषा

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एक टुकड़ा आसमां
तैरता तेरी आँखों में
मेरा कोहिनूर-
वो आसमां मेरा है ।

तेरी आखों के अम्बर में
पसारे पंख उड़ चले
गुनगुनी धुप में पकते
पनपते है मेरे सपने ।

कही ना कुछ कहानियां
ना रस्में थी ना कसमें थी
ये जीवन नाम तेरे कर दिया
आँखों की बातों पे !

:)

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एक नज़र देख लो मुस्काके तुम
हम को मिल जाती है जन्नतें

लेके तकिया तेरी बाहों का
ख्वाब में पूरी हो सब हसरतें

प्यार से चंद निवाले खाना
इसपे कुर्बान है सौ दावतें

मोल सिक्कों के नही मिलती कभी
इश्क़ की ये हसीं फरमाइशें

राह पे फिर बिछाई आँखें है
शाम घर लौटने की आहटें

आये तो छटते भी रहे बादल
या रब रखना यूँ ही इनायतें । ।

तू माने ना

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किताबों के अक्षरों में
तेरा ही अक्स दिखता है
जगत की ओट लेकर के
छिपा लोगों की नज़रों से

कि भर रक्खें है चारों ओर
फूलों के बागीचे यूँ
खुशबुओं में बसे तुम हो
किसी को पर खबर ना हो

मेरे घर से जो उठते है
सुरों गीतों के स्वर अक्सर
सभी में ज़िक्र तेरा है
वो ग़ालिब नाम भर का है

कभी आओ इधर तुम जो
तो हँस देना ना मुझ पर ही
मेरी हर चुप ने कितनी बार
तुमसे ही तो बातें कीं

एक शाम

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दिन गए कोहरे के छाने के
हिचकिचाहट नही नहाने से
धुप ने लुकाछिपी छोड़ी
सर्दी ने भी हेकड़ी तोड़ी

सुबह आती है अब गुलाबी सी
दिन की गर्मी है कुछ शराबी सी
शाम अब देर तक ठेहेरती है
बिन अलावे के रात कटती है

परतों के ढेर से बाहर आकर
जिस्म अंगड़ाई ले रहा खुलकर
बाग़ में भी बहार छायी है
फूलों ने रंगतें लुटायीं है

याद आती है ठण्ड में सिकुड़ी
शाम चिड़ियों को देखती खिड़की
हाथ में गर्म चाय की प्याली
चेहरे पे तेरे नाम की लाली ।